
一 | जागरण संवाददाता, वाराणसी। तू डाल-डाल, मैं पात-पात...। इसी कहावत पर कालोनाइजर महेंद्र के हत्यारोपितों और पुलिस के बीच नूराकुश्ती चली और अंतत: सनसनीखेज मर्डर का राजफाश हो गया। 21 अगस्त को तीन शूटरों ने हेलमेट पहनकर बगैर नंबर की बाइक से वारदात को अंजाम दिया तो पुलिस के लिए उन तक पहुंचने के सीधे रास्ते बंद हो गए।,पुलिस ने सीसीटीवी की राह छोड़ सर्विलांस की राह पकड़ी तो वारदात से ठीक पहले हत्यारोपित संपूर्णानंद शुक्ला की 18 बार और मुंबई में बैठे जोगेंद्र यादव की संपूर्णानंद से 10 बार बात की तस्वीर सामने आ गई। इसके बाद 50 पुलिसकर्मी और दो डीसीपी समेत छह अधिकारी एक्शन मोड में आए तो सातवें दिन मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठ गया और खून बहाने वाले सलाखों के पीछे पहुंच गए।,यह भी पढ़ें : वाराणसी में नाबालिग मां को चंद घंटे में अस्पताल से लौटाने की जांच करेगी चार सदस्यीय टीम, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा मुंबई से मर्डर का फरमान और वाराणसी में चल गई गोली कालोनाइजर जोगेंद्र यादव महेंद्र के मर्डर का मुकम्मल इंतजाम कर खुद मंबई चला गया ताकि उस पर किसी को शक न हो। इधर बनारस ने शूटर फौजी को रेकी के लिए भेजा तो संपूर्णानंद ने रेकी कराई। 21 अगस्त की सुबह संपूर्णानंद ने सुबह महेंद्र को फोन पर कहा कि जमीन देखने के लिए कुछ लोग आने वाले हैं, आ जाइए। महेंद्र को देर हो रही थी जिससे प्लान फेल न हो जाए, इसलिए वह अनवरत काल करता रहा। जोगेंद्र मुंबई से संपूर्णानंद को फोन पर निर्देश देता रहा।,यह भी पढ़ें : चंदौली के मुगलसराय में प्रेम प्रसंग में युवक चढ़ा टावर पर, पुलिस प्रशासन बचाव में जुटा, देखें वीडियो... छह कार्यों में बाधा और आकंठ कर्ज बनी मौत की वजह पुलिस को हत्यारोपित कालोनाइजर जोगेन्द्र यादव उर्फ फैटू ने जो कहानी बताई उसके मुताबिक छह कार्यों में बाधा और आकंठ कर्ज के बाद मौत की पटकथा लिखी गई। जोगेंद्र के मुताबिक सिंहपुर के अंजनीनाथ शुक्ला से 48 लाख रुपये देकर उनकी 4.5 बिस्वा जमीन की प्लाटिंग को एग्रीमेंट कराया जिसे महेंद्र ने एक करोड़ 22.50 लाख में बेचने का सट्टा कर लिया। महेन्द्र ने 26 लाख देकर बाकी पैसा दस दिन बाद देने को कहा, लेकिन बाद में रुपये और जमीन दोनों नहीं देने पर आमादा हो गया।,जोगेंद्र रुपये की आवश्यकता पर कर्ज लेकर कैलाशनाथ शुक्ला और उसके परिवार से नौ बिस्वा जमीन का एग्रीमेंट सात लाख देकर कराया। इसकी प्लाटिंग में भी महेंद्र ने रोड़ा अटकाया और अन्य प्लाटों पर बाउंड्री करा दी जिससे महेन्द्र के एग्रीमेंट वाले प्लाट का रास्ता बंद हो गया। रास्ता के लिए जोगेंद्र ने राजेश पटेल की एक बिस्वा जमीन 13 लाख एडवांस देकर एग्रीमेंट कराया। महेन्द्र ने उसको भी डरा-धमकाकर उस जमीन पर बाउंड्रीवाल कराने लगा। दो साल पहले घुरहूपुर में सात बिस्वा जमीन को घेरवाकर महेंद्र ने रास्ता बंद कर दिया था। इस कारण जोगेंद्र करीब एक करोड़ 75 लाख का कर्जदार हो गया और बात मर्डर तक पहुंच आई।,यह भी पढ़ें : मीरजापुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार, वाराणसी में वरुणा में पलट प्रवाह फिर शुरू शूटर और असलहा सप्लायर ने ली थी एडवांस रकम मुंगेर के मुकीम ने 50 हजार रुपये के असलहा के लिए 25 हजार एडवांस लिया था। शेष रकम लेने आया था, जब पुलिस के जाल में फंस गया। इसी तरह शूटर ने पांच लाख में 50 हजार रुपये एडवांस लिए थे, शेष रकम के लिए शूटर आगे भी वारदात कर सकते हैं।,पुलिस की टीम पुलिस टीम में एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह, एसओजी और पुलिस टीम में उप निरीक्षक एवं एसओजी प्रभारी गौरव सिंह, उप निरीक्षक अभिषेक पांडेय, हेड कांस्टेबल चंद्रभान यादव, आलोक मौर्य, साइबर टेक्निकल विंग सारनाथ सौरभ तिवारी, थानाध्यक्ष विवेक कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उप निरीक्षक पंकज कुमार राय समेत आदि शामिल रहे।,यह भी पढ़ें : मीरजापुर में बस्ती तक जा पहुंचा सात फीट लंबा मगरमच्छ, ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी。 盛夏酷暑,骄阳似火。为践行福利彩票社会责任与公益使命,近日,枣庄市福彩中心采购了100箱纯净水,开展了“公益福彩 清凉一夏”慰问活动,为户外工作者送去夏日清凉与关怀。7月23日上午,爱心纯净水发放仪式在云溪小镇福彩街景车销售站举行。活动现场,枣庄市福彩中心工作人员为户外工作者免费发放纯净水,向不畏酷暑、敬业奉献的城市守护者致以诚挚敬意。同时,枣庄市福彩中心还在市中区、薛城区、台儿庄区的街景车公益驿站、“快乐吧”主题店等地设置了13个爱心纯净水发放点,为环卫工人、外卖骑手等坚守高温一线的户外工作者提供便捷的饮水服务。一瓶瓶纯净水承载着满满情谊,让一线劳动者真切感受到来自福彩的关怀与善意。近年来,枣庄市福彩中心始终坚守“取之于民、用之于民”初心使命,深耕公益实践、践行责任担当,常态化开展惠民便民公益活动。下一步,枣庄市福彩中心将持续擦亮责任彩票品牌,持续延伸公益触角,以更多暖心举措回馈社会、传递正能量。
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Published on:07:43:01